रिपोर्टर मुकेश सेन
छोटी सादड़ी तहसील के पीथलवाड़ी कला गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसे देख कर कोई भी कह सकता है — “ये स्कूल नहीं, हादसे का इंतजार कर रही एक खंडहर इमारत है।”स्कूल के भवन में छतों की चो से लगातार पानी टपकता है, दीवारों में गहरी दरारें हैं, और पिलर जमीन में धंसे हुए हैं। इतना ही नहीं, स्कूल की नींव भी कमजोर हो चुकी है, जिससे बरसात के मौसम में दीवारें जमीन में धंसने लगी हैं और दीवारों में दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

छतों से प्लास्टर झड़ रहा है, दीवारों में दरारें साफ नजर आती हैं और बरसात में छतों से पानी टपकना आम बात हो गई है। ऐसे में छात्रों और शिक्षकों की जान हर दिन खतरे में पड़ रही है। कई कमरों की हालत इतनी खराब है कि उनमें बैठना भी जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में कक्षाएं वहीं लगाई जा रही हैं।गांव वालों ने बताया कि इस स्कूल में करीब 300 बच्चे रोज़ाना पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन यहां की हालत देखकर वे अब चिंतित और गुस्से में हैं।
ग्रामीणों का कहना है — अगर स्कूल की मरम्मत समय पर नहीं की गई तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
