वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 2 अगस्त 2025 ट्रंप प्रशासन ने भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले कई सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप ने इस कदम के पीछे भारत को “टैरिफ किंग” बताते हुए व्यापार असंतुलन का हवाला दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दोनों देशों के संबंध साझा हितों पर आधारित हैं और कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद आगे बढ़ते रहे हैं। हालांकि, भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
भारत, जो रूस से अपनी लगभग 35% कच्चे तेल की आपूर्ति करता है, ने इन धमकियों का जवाब सावधानी के साथ दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ट्रम्प की धमकियों को “दोहरे मापदंड” करार देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ सहित कई देश भी रूस से ईंधन आयात करते हैं। भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “हमें चिंता नहीं है। अगर कुछ होता है, तो हम उसका सामना करेंगे।” भारत 40 अन्य देशों से भी तेल आयात करता है, लेकिन रूस से सस्ते तेल ने उसे 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद से एक प्रमुख खरीदार बना दिया है।
