ब्यूरो रिपोर्ट: प्रहलाद जणवा
मूंगाणा | 17 अप्रैल, 2026
कस्बे के समीपवर्ती धाणी फले क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां घरेलू एलटी लाइन की चपेट में आने से 8 साल के एक मासूम की जान चली गई। मृतक की पहचान सूरज (8) पुत्र गोपाल मीणा, निवासी धाणी जुनी बोरदा के रूप में हुई है, जो कक्षा 3 का छात्र था। इस घटना के बाद से पूरे गांव और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। सूरज खाना खाने के बाद घर के आसपास खेल रहा था। उस दौरान घर में एक शादी समारोह की तैयारियों और घरेलू कार्यों के चलते माता-पिता व्यस्त थे। खेलते-खेलते सूरज छत पर चला गया, जहां से गुजर रही घरेलू एलटी लाइन के संपर्क में आ गया।
परिजनों को हादसे का पता तब चला जब दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच सूरज कहीं दिखाई नहीं दिया। तलाश के दौरान छत पर लोहे के टिन के पास बच्चे का हाथ दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो सूरज मृत अवस्था में पड़ा था।
मौके पर पहुँची पुलिस और बिजली विभाग
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। ग्राम पंचायत सरपंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में शव को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।
अस्पताल में मोर्चरी नहीं: ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
इस दुखद घटना ने क्षेत्र की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। हादसे के बाद अस्पताल पहुँचे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया।
- मोर्चरी का अभाव: ग्रामीणों का आरोप है कि इतना बड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद यहाँ मोर्चरी (शवगृह) की व्यवस्था नहीं है। इस कारण पोस्टमार्टम जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं में काफी देरी होती है और परिजनों को शव के साथ लंबा इंतजार करना पड़ता है।
- आवासीय क्वार्टर की समस्या: ग्रामीणों ने बताया कि डॉक्टरों के लिए अस्पताल परिसर में क्वार्टर उपलब्ध नहीं हैं। डॉक्टर 1 से 2 किलोमीटर दूर रहते हैं, जिससे इमरजेंसी के समय उनकी तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाती।
