ब्यूरो चीफ: विनीत सिंह
सीतापुर | जनपद के बड़ा गांव क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से जारी गंभीर बिजली संकट अब जनआंदोलन का रूप लेने जा रहा है। क्षेत्र के 56 गांवों को पर्याप्त बिजली न मिलने और प्रस्तावित पावर हाउस का निर्माण अधर में लटके होने के विरोध में ग्रामीणों ने आगामी 27 अप्रैल को सीतापुर गल्ला मंडी में महापंचायत और विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
वर्षों की मांग, प्रशासन की बेरुखी ग्रामीणों का आरोप है कि परसेरा, ढकिया, पूरनापुर, सिमराव, बीरमपुर और नीमचेना समेत 56 गांवों की आबादी सालों से अंधेरे में रहने को मजबूर है। बिजली की किल्लत के कारण न केवल किसानों की सिंचाई बाधित हो रही है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और छोटे लघु उद्योग भी दम तोड़ रहे हैं। बार-बार मांग के बावजूद अब तक विद्युत उपकेंद्र (पावर हाउस) के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने संभाली कमान विरोध की रणनीति तैयार करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि बिजली के अभाव में खेती और घरेलू कार्य पूरी तरह ठप हैं।
सिद्धू ने कहा, “यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि 56 गांवों के हक़ और अधिकार की है। जब तक प्रशासन हमें लिखित में समाधान का समय नहीं देगा, आंदोलन जारी रहेगा।”
आंदोलन के मुख्य बिंदु और मांगें 27 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन में ग्रामीण जिलाधिकारी (DM) के समक्ष मुख्य रूप से दो सवाल रखेंगे:
- 56 गांवों को नियमित बिजली आपूर्ति का रोस्टर कब लागू होगा?
- प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र (पावर हाउस) का निर्माण कार्य धरातल पर कब शुरू किया जाएगा?
