ब्यूरो चीफ: उमेश पाठक, रीवा
20 अप्रैल, 2026
भगवान विष्णु के छठे अवतार, शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता भगवान श्री परशुराम जी का प्रकटोत्सव रविवार को पूरे जनपद में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर परशुराम सेवा संघ द्वारा आयोजित भव्य शोभायात्रा ने शहर को भक्तिमय रंग में सराबोर कर दिया। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग “जय श्री परशुराम” के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
विवेकानंद पार्क से हुआ यात्रा का शंखनाद
शोभायात्रा का शुभारंभ दोपहर 3:00 बजे शहर के विवेकानंद पार्क से हुआ। भगवान परशुराम के चित्र और झांकियों से सजी यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी। यात्रा में न केवल ब्राह्मण समाज बल्कि क्षत्रिय समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक बनी। अश्वों और वाद्य यंत्रों के साथ निकली इस यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
पीली कोठी पर महाआरती और भंडारा
विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए शोभायात्रा का समापन पीली कोठी स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर हुआ। यहाँ भगवान परशुराम की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। इसके पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
परशुराम सेवा संघ के अध्यक्ष पंडित विजय मोहन तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए। मुख्य रूप से:
- अधिवक्ता: आनंदमूर्ति तिवारी, स्वतंत्र शर्मा।
- प्रमुख सदस्य: विवेक मिश्रा, सुधीर पांडे, मोहित चौबे, जय कृष्ण पांडे, शिवेश चतुर्वेदी।
- विशिष्ट जन: भूतपूर्व सैनिक दिवाकर प्रसाद द्विवेदी, जीतू द्विवेदी, रिशु तिवारी, अंकित सिंह बघेल, प्रदीप त्रिपाठी, भोले पुनीत तिवारी, अनिलेश तिवारी, अखिल त्रिपाठी, दीपक त्रिपाठी, ऋषि दुबे, लवकुश त्रिपाठी, मनीष सिंह बघेल, सचिन सिंह, पुनीत चतुर्वेदी, प्रत्युल तिवारी, गुंजन तिवारी और राजा चौबे सहित भारी संख्या में युवा और वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।
आयोजन समिति का संदेश: परशुराम सेवा संघ के अध्यक्ष ने कहा कि भगवान परशुराम न्याय और धर्म की स्थापना के प्रतीक हैं। उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना और समाज में एकता बनाए रखना ही इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
