ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं
झुंझुनूं। राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान’ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में मंगलवार को अलसीसर पंचायत समिति मुख्यालय पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कैलाश चंद्र यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडावा और अलसीसर पंचायत समितियों के विकास कार्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
तीन चरणों में तैयार होगी विकास की रूपरेखा
सीईओ कैलाश चंद्र यादव ने बताया कि राज्य सरकार RITI (रीति) के माध्यम से ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए तीन चरणों में योजना तैयार कर रही है:
- अल्पकालिक योजना: वर्ष 2030 तक।
- मध्यकालीन योजना: वर्ष 2035 तक।
- दीर्घकालीन योजना: वर्ष 2047 तक।
पोर्टल पर अपलोड होगा मास्टर प्लान
सीईओ ने ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को निर्देश दिए कि वर्ष 2047 तक गांवों को विकसित बनाने के लक्ष्य के साथ आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु आमजन से सुझाव लिए जाएं। इन सुझावों को ग्राम सभा से अनुमोदित करवाकर ‘मास्टर प्लान 2047’ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। उन्होंने प्रगति पर संतोष जताते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से निर्धारित समय सीमा में आंकड़े सत्यापित करने के निर्देश दिए।
हितधारकों से चर्चा पर जोर
बैठक में विकास अधिकारी (मंडावा) अमित चौधरी और विकास अधिकारी (अलसीसर) ममता चौधरी को निर्देशित किया गया कि वे विभिन्न विभागों से डेटा प्राप्त कर उनका भौतिक सत्यापन करें और हितधारकों के साथ चर्चा कर मास्टर प्लान को अंतिम रूप दें।
अभियान की अवधि: उल्लेखनीय है कि ‘विकसित राजस्थान @2047’ की तर्ज पर ग्राम पंचायत स्तर से जिला स्तर तक मास्टर प्लान तैयार करने का यह विशेष अभियान 20 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक संचालित किया जा रहा है।
ये रहे उपस्थित: समीक्षा बैठक में अतिरिक्त विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, लेखाधिकारी, कनिष्ठ अभियंता सहित दोनों पंचायत समितियों के समस्त ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे।
