ब्यूरो रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र इंदौरकर
तामिया (छिंदवाड़ा)। जनपद पंचायत तामिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कपूरनाला में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के ग्राम नवलगांव में सरकारी रिकॉर्ड में तो एक खेत-तालाब बनकर तैयार हो गया और उसके नाम पर लाखों रुपयों का भुगतान भी हो गया, लेकिन धरातल पर किसान का खेत आज भी खाली पड़ा है।
फर्जी हाजिरी और ₹2 लाख से अधिक का घोटाला
जानकारी के अनुसार, नवलगांव निवासी हितग्राही खरगराम (पिता गयाप्रसाद यादव) के नाम पर एक खेत-तालाब स्वीकृत किया गया था। आरोप है कि सरपंच बलदेव यादव, सचिव और सहायक सचिव महेंद्र यादव ने एपीओ मनरेगा की मिलीभगत से इस प्रोजेक्ट की टीएस (तकनीकी स्वीकृति) जारी करवाई। इसके बाद, मस्टर रोल में फर्जी हाजिरी भरकर 2,03,260 रुपये की राशि निकाल ली गई।
“मेरे खेत में एक तगारी मिट्टी भी नहीं खोदी गई है। मैं कभी काम पर गया ही नहीं, फिर भी मस्टर रोल में मेरी फर्जी हाजिरी भरी गई। हमें पता ही नहीं चला और हमारे नाम पर लाखों का खेल हो गया।” — हितग्राही का बेटा (बाइट के आधार पर)
भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त: 15 लाख की पुलिया भी अधर में
नवलगांव के ग्रामीणों ने पंचायत के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्टाचार केवल तालाब तक सीमित नहीं है:
- अधूरी पुलिया: गांव में 15 लाख रुपये की लागत से बन रही पुलिया पिछले ढाई साल से अधर में है। निर्माण कार्य बेहद घटिया स्तर का है, लेकिन सरपंच-सचिव ने इसकी पूरी राशि पहले ही आहरित कर ली है।
- घटिया निर्माण: पिछले वर्ष एक अन्य किसान के खेत में बना तालाब पहली ही बारिश में ढह गया। शिकायत के बाद भी सुधार कार्य नहीं कराया गया।
जांच के घेरे में जिम्मेदार
बिना काम हुए टीएस जारी करना और मनरेगा पोर्टल पर फर्जी मस्टर रोल अपलोड करना जिला प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी सरपंच, सचिव एवं सहायक सचिव पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
