ब्यूरो चीफ: इमरान खान
आबूरोड | 20 अप्रैल, 2026
आबूरोड के रीको थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली छापरी पुलिस चौकी एक बार फिर अपनी संदिग्ध कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। राजस्थान-गुजरात सीमा पर स्थित इस महत्वपूर्ण चौकी की ‘नाक के नीचे’ से शराब तस्कर 5 लाख रुपए की खेप लेकर गुजर गए और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसी राज्य गुजरात की पुलिस ने सीमा पार करते ही इस खेप को दबोच लिया।
अंबाजी पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुजरात की अंबाजी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सीमा पर नाकाबंदी की थी। इस दौरान एक संदिग्ध वॉक्सवैगन (Volkswagen) कार को रुकवाकर जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। कार के भीतर शातिराना तरीके से छिपाकर रखी गई करीब 5 लाख रुपए की अंग्रेजी शराब बरामद की गई। अंबाजी पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की ‘नींद’ पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि तस्करों की यह कार आबूरोड के रीको थाना क्षेत्र की छापरी चौकी से होकर गुजरी थी। सीमावर्ती चौकी होने के नाते यहाँ सघन चेकिंग का दावा किया जाता है, लेकिन तस्करों का आसानी से यहाँ से निकल जाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
चर्चा का विषय: क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या यह पुलिस की महज लापरवाही है या फिर तस्करों के साथ कोई “मौन सहमति”? महज कुछ मीटर की दूरी पर अंबाजी पुलिस कार्यवाही कर लेती है, जबकि राजस्थान पुलिस के पास कोई इनपुट नहीं होता।
सतर्कता के दावों की खुली पोल
इस कार्यवाही के बाद रीको थाने और विशेषकर छापरी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता पर उच्चाधिकारियों की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। राजस्थान पुलिस जहाँ एक ओर अवैध मादक पदार्थों और शराब तस्करी के खिलाफ अभियान चलाने के दावे करती है, वहीं इस तरह की घटनाएं उन दावों को खोखला साबित कर रही हैं। फिलहाल, गुजरात पुलिस की इस बड़ी कार्यवाही ने राजस्थान पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।
बरामदगी एक नजर में:
- वाहन: वॉक्सवैगन कार
- सामग्री: अंग्रेजी शराब (विदेशी ब्रांड)
- अनुमानित कीमत: ₹5,00,000/-
- कार्यवाही स्थल: अंबाजी बॉर्डर (गुजरात)
