ब्यूरो चीफ: इमरान खान
आबूरोड। आबूरोड ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित सात दिवसीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव का रविवार रात भव्य शोभायात्रा और सम्मान समारोह के साथ हर्षोल्लासपूर्वक समापन हुआ। शोभायात्रा के दौरान शहर का चप्पा-चप्पा ‘मंगलयमय’ हो गया और हजारों की संख्या में विप्र बंधुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर समाज की एकजुटता का परिचय दिया।
केसरिया ध्वज और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरके युवा
समाज के सुमित जोशी ने बताया कि शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों से होकर गुजरी। शोभायात्रा में सबसे आगे युवाओं की टोली केसरिया झंडे लहराते हुए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए चल रही थी। कुणाल शर्मा, अभिषेक शर्मा और रजत शर्मा के नेतृत्व में युवाओं ने भगवान परशुराम के गगनभेदी जयकारे लगाए, जिससे पूरा शहर गुंजायमान हो उठा।
एक किलोमीटर लंबी कलश यात्रा रही आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा में महिला शक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिला। सैकड़ों महिलाएं एक ही रंग के परिधान (ड्रेस कोड) में कलश धारण कर चल रही थीं। करीब एक किलोमीटर लंबी इस कलश यात्रा ने अनुशासन और एकता का अनूठा संदेश दिया, जिसे हर शहरवासी ने सराहा। महिला भागीदारी को सफल बनाने में कल्पना छगानी, सुमन शर्मा और पार्षद अंजलि जोशी सहित अन्य महिला प्रभारियों की मुख्य भूमिका रही।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
आबूरोड की गंगा-जमुनी तहजीब शोभायात्रा के दौरान साफ दिखाई दी। मुख्य रेलवे स्टेशन चौराहे पर व्यापार मंडल, मुस्लिम समाज, सैनी समाज और वैष्णव समाज के प्रतिनिधियों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। इस दौरान विप्र समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों का साफा बांधकर और माला पहनाकर सम्मान किया गया। समाज अध्यक्ष अमित जोशी ने सभी समाजों का आभार व्यक्त किया।
संतों का सानिध्य और प्रतिभाओं का सम्मान
शोभायात्रा के पश्चात परशुराम भवन में आयोजित समापन समारोह में संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। संत हरिप्रेशदास महाराज, तुलसीगिरी महाराज और ऋषिकेश पीली गुफा के संतों का समाज के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा शाल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर सात दिनों तक चली विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
संतों का संदेश: विप्र बंधुओं को संबोधित करते हुए संत हरिप्रेशदास महाराज ने कहा, “ब्राह्मण को संसार में सबसे ऊंचा और पूजनीय दर्जा प्राप्त है, हमें अपने आचरण और कर्मों से इस मर्यादा को सिद्ध करना चाहिए।”
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान उमेश छगानी, धीरज शर्मा, सुधीर शर्मा, प्रफुल्ल भारद्वाज, डॉ. कमलेश व्यास, दिलीप पाण्डे, कमल मिश्रा, ज्योतिर्मय शर्मा, मनीष परसाई, रमाकांत शर्मा, शैलेश अवस्थी सहित हजारों की संख्या में विप्र समाज के पुरुष, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।
