जिला ब्यूरों: जोरा सोलंकी
धानेरा | बनासकांठा जिले की धानेरा तहसील में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों (जिला पंचायत, तालुका पंचायत और नगरपालिका) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार अभियान का औपचारिक ‘श्रीगणेश’ कर दिया है, लेकिन इस बार का प्रचार बेहद खास है। विधानसभा चुनाव में निर्दलीय (अपक्ष) उम्मीदवार के रूप में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले लोकप्रिय नेता और विधायक मावजीभाई देसाई अब खुलकर भाजपा के समर्थन में मैदान में उतर आए हैं।
भाजपा के प्रचार रथ की कमान मावजीभाई के हाथ
धाखा जिला पंचायत सीट से चुनाव प्रचार की औपचारिक शुरुआत करते हुए मावजीभाई देसाई ने भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के कारण उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीत हासिल की थी। अब स्थानीय चुनावों में भाजपा के साथ उनकी यह सक्रियता विरोधियों के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकती है।
क्यों अहम है यह ‘जुगलबंदी’?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धानेरा क्षेत्र में मावजीभाई देसाई का अपना एक मजबूत ‘वोट बैंक’ है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और सहकारी क्षेत्रों में उनकी पकड़ काफी गहरी है।
- संगठनात्मक मजबूती: उनके आने से भाजपा का जमीनी स्तर का कार्यकर्ता फिर से एकजुट नजर आ रहा है।
- त्रिकोणीय मुकाबले की गुंजाइश खत्म: मावजीभाई के भाजपा के साथ आने से अब मुकाबला सीधा भाजपा बनाम अन्य होने की संभावना है।
- सहकारी शक्ति का लाभ: बनास डेयरी और अन्य सहकारी संस्थाओं से जुड़ाव का फायदा भी भाजपा को मिल सकता है।
पालिका से लेकर पंचायत तक ‘केसरिया’ करने का लक्ष्य
प्रचार अभियान के दौरान आयोजित बैठक में मावजीभाई देसाई ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य विकास की राजनीति को आगे बढ़ाना है। भाजपा की इस रणनीति से धानेरा नगरपालिका के साथ-साथ तालुका की सीटों पर भी वर्चस्व कायम करने की कोशिश है। भाजपा संगठन ने भी मावजीभाई के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
“क्षेत्र के विकास के लिए एकजुटता जरूरी है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास पथ पर आगे बढ़ते हुए धानेरा की हर सीट पर जीत सुनिश्चित करेंगे।” > — मावजीभाई देसाई, विधायक, धानेरा
