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भाई बख्तौर की अनाज मंडी में भारी हंगामा; सरकारी इंस्पेक्टर की जगह प्राइवेट व्यक्ति लगा रहा था बोली

जिला ब्यूरों: समदीप सिंह वड़ैच

बठिंडा | बठिंडा जिले के गाँव भाई बख्तौर की अनाज मंडी में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब गेहूं की खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया। किसानों का आरोप है कि सरकारी ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर खुद आने के बजाय एक निजी (प्राइवेट) व्यक्ति को बोली लगाने के लिए भेजा था। जब किसानों को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने मौके पर जमकर हंगामा किया और खरीद प्रक्रिया रुकवा दी।

खराब मशीन से बढ़ाया जा रहा ‘नमी’ का स्तर

मंडी में मौजूद किसानों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खरीद के लिए इस्तेमाल की जा रही मॉइस्चर (नमी) चेक करने वाली मशीन खराब है। किसानों के मुताबिक, यह मशीन जानबूझकर अनाज में नमी की मात्रा ज्यादा दिखा रही है ताकि फसल की खरीद को रोका जा सके या भाव कम किया जा सके।

15-20 दिनों से मंडियों में रुलने को मजबूर किसान

गुस्साए किसानों ने बताया कि वे पिछले 15 से 20 दिनों से अनाज मंडी में अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं। रातों को जागकर फसल की रखवाली करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों ने सीधे तौर पर कहा:

“सरकार हमें जान-बूझकर परेशान कर रही है। एक तरफ सरकारी कर्मचारी ड्यूटी से नदारद हैं और दूसरी तरफ खराब मशीनों के जरिए हमें लूटा जा रहा है।”

रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप

हंगामे के दौरान कुछ किसानों ने सरकारी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। किसानों का कहना है कि उनकी फसल पास करने के बदले में पैसों की मांग की जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ईमानदार अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई और खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होंगे।

मुख्य बिंदु:

  • अनियमितता: सरकारी इंस्पेक्टर की जगह प्राइवेट व्यक्ति बोली लगाते पकड़ा गया।
  • तकनीकी गड़बड़ी: नमी मापने वाली मशीन जानबूझकर ज्यादा रीडिंग दिखा रही है।
  • किसानों का दर्द: 20 दिनों से मंडी में दर-दर भटक रहे हैं अन्नदाता।
  • भ्रष्टाचार: फसल की खरीद के बदले रिश्वत मांगने के लगे आरोप।

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