ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर
खण्डार | खण्डार शहर के हृदय स्थल में स्थित अतिप्राचीन श्री बद्रीनाथ जी मंदिर के सुनहरे दिन अब बहुरने वाले हैं। शहर के इस एकमात्र बद्रीनाथ मंदिर की ख्याति और महत्ता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने इसके भव्य जीर्णोद्धार का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में एक विशेष ‘मंदिर निर्माण विकास समिति’ का विधिवत गठन किया गया है, जो मंदिर के सौंदर्यकरण और पुनरुद्धार की कमान संभालेगी।
वर्ष में केवल एक बार खुलते हैं कपाट
यह मंदिर अपनी अनूठी परंपरा के लिए जाना जाता है, जहाँ भगवान बद्री विशाल के कपाट वर्ष में केवल एक बार अक्षय तृतीया (आखातीज) के पावन पर्व पर ही खुलते हैं। इस दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं। हालांकि, देखरेख के अभाव और समय की मार के कारण यह ऐतिहासिक मंदिर वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर अवस्था में पहुँच चुका है, जिससे भक्तों की आस्था को ठेस पहुँच रही थी।
समिति में इन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी
मंदिर के नवनिर्माण के लिए सर्वसम्मति से कार्यकारिणी की घोषणा की गई है:
- संरक्षक: अनिल वैष्णव
- अध्यक्ष: कमलेश मिश्रा
- उपाध्यक्ष: रमेश चंद्र गुर्जर
- कोषाध्यक्ष: मुकेश विजय
- महामंत्री: राजीव वैष्णव
इसके साथ ही समिति में ओम प्रकाश सेन, गोविंद मथुरिया, बिरजू मथुरिया, मनोज शर्मा, महेश दाधीच, दिनेश सेक्रेटरी, कमलेश पाठक, मनोहर गोपाल मंगल, ओमप्रकाश कहार, ललित शर्मा, अरुणेश उपाध्याय, योगेश प्रजापत, बजरंगलाल प्रजापत और मानवेंद्र अकोदिया को सदस्य नियुक्त किया गया है।
19 अप्रैल से शुरू होगा जनसंपर्क अभियान
समिति ने निर्णय लिया है कि आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर जब भगवान के वार्षिक दर्शन होंगे, उसी दिन से व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। समिति के सदस्य गाँव के प्रत्येक घर और भामाशाहों से संपर्क कर सहयोग राशि एकत्रित करेंगे ताकि मंदिर का कायाकल्प, सौंदर्यकरण और अन्य विकास कार्य शीघ्रता से पूर्ण किए जा सकें।
क्षेत्रवासियों में उत्साह की लहर
समिति गठन के अवसर पर कस्बे के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मंदिर के गौरव को पुनर्स्थापित करने की भावना व्यक्त की और इस पुनीत कार्य में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक सहयोग देने का आश्वासन दिया। मंदिर के जीर्णोद्धार से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू हो सकेंगी।
