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कवि डॉ. कैलाश मण्डेला ‘सुरेन्द्र दुबे स्मृति सम्मान’ से विभूषित, 1.11 लाख की राशि और ताम्र पत्र भेंट

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

पुष्कर। विश्वविख्यात हास्य कवि एवं गीतकार स्व. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में आयोजित 8वें सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ने अध्यात्म और साहित्य के संगम का एक नया इतिहास रच दिया। पुष्कर स्थित गायत्री मणिवेदिक शक्तिपीठ पर स्वामी प्रखर महाराज के सानिध्य में चल रहे 43 दिवसीय ‘शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ’ के पांडाल में हजारों श्रोताओं और विद्वान मनीषियों की उपस्थिति में यह गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ।

डॉ. कैलाश मण्डेला को मिला सर्वोच्च सम्मान श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति संस्थान द्वारा इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘सुरेन्द्र दुबे स्मृति सम्मान-2026’ भीलवाड़ा जिले के गौरव, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जनकवि और केन्द्रीय साहित्य अकादमी से पुरस्कृत साहित्यकार डॉ. कैलाश मण्डेला (शाहपुरा) को प्रदान किया गया। उन्हें सम्मान स्वरूप 1,11,111 रुपये (एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह) का चेक, ताम्र पत्र, प्रतीक चिन्ह और अलंकरण भेंट किए गए। गुरुवर प्रखर जी महाराज और संस्थान अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे ने मण्डेला के बहुआयामी साहित्यिक अवदान को रेखांकित करते हुए यह सम्मान प्रदान किया।

फूलों की वर्षा और ओजस्वी प्रस्तुतियों से महका मंच कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रखर महाराज का 21 किलो की माला और एक क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों से भव्य अभिनंदन किया गया। कवि सम्मेलन की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. कीर्ति काले ने सरस्वती वंदना से की। सम्मानित कवि डॉ. मण्डेला ने गुरु वंदना ‘असीम जिनकी चेतना, सुकृत्य से विशाल है’ सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया, इस दौरान उन पर पुष्पों और नोटों की बरसात हुई।

कवियों ने बांधा समां:

  • लखनऊ के प्रख्यात मिश्रा: ओजस्वी स्वर में ‘राम वही भारत की पहचान बनाने वाले हैं’ सुनाकर देशभक्ति का जोश भर दिया।
  • दिल्ली के डॉ. प्रवीण शुक्ल: श्रीकृष्ण के शस्त्र धारण की विशिष्ट रचना से श्रोताओं को सम्मोहित किया।
  • हास्य कवि दिनेश बंटी: अपनी प्रसिद्ध रचना ‘पंचायती नोहरा’ से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।
  • ब्यावर के शिव तूफान: अपनी व्यंग्य रचना ‘भगवान का पता’ से व्यवस्थाओं पर कटाक्ष किया।
  • विजयनगर के नवीन शर्मा: अपने गीतों से काव्य संध्या को ऊंचाइयां प्रदान कीं।

विशिष्ट जनों की रही उपस्थिति संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंच पर केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, सज्जन प्रसाद तिवाड़ी, भजन गायक नन्दू महाराज, पंडित पुखराज दुबे और अशोक पारीक सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी आनन्द ब्रह्मचारी महाराज ने की। समारोह ने सिद्ध कर दिया कि कविता और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं।

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