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रोहिड़ा में गूँजा प्रभु जन्म का जयघोष: 56 दिक् कुमारिकाओं ने मनाया भव्य जन्मोत्सव

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

रोहिड़ा (सिरोही) | 20 अप्रैल, 2026

सिरोही के रोहिड़ा नगर में आयोजित श्री महावीर स्वामी जिन मंदिर अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। पूज्य जैनाचार्य श्री रविरत्नसूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्री जयेशरत्नसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में प्रभु महावीर का ‘जन्म कल्याणक’ महोत्सव अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

भक्तिमय नृत्यांजलि और मंत्रोच्चार

उत्सव का मुख्य आकर्षण नगर की छोटी-छोटी बालिकाओं द्वारा बनी 56 दिक् कुमारिकाएं रहीं। संगीतकार अनिल भाई सालेचा की मधुर धुनों पर इन बालिकाओं ने मनमोहक नृत्य कर प्रभु के जन्मोत्सव की खुशियाँ बिखेरीं। सुप्रसिद्ध विधिकारक विरल भाई सी. शाह के सानिध्य में विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण किया गया।

धार्मिक महत्व: क्यों मनाया जाता है जन्म कल्याणक?

सभा को संबोधित करते हुए पूज्य आचार्यश्री ने इस प्रसंग का महत्व प्रतिपादित किया:

“जब तीर्थंकर प्रभु का जन्म होता है, तब तीनों लोकों में हर्ष व्याप्त हो जाता है। स्वर्गलोक की दिक् कुमारिकाएं अपने अवधिज्ञान से प्रभु के जन्म को जानकर वहां आती हैं और सूति कर्म करती हैं। दर्पण, दीपक और चामर लेकर नृत्य के साथ जन्मोत्सव मनाती हैं। इसके पश्चात चौंसठ इंद्र सपरिवार प्रभु को मेरु पर्वत ले जाकर पाण्डुशिला पर जन्माभिषेक करते हैं।”

विशेष आकर्षण: एआई (AI) और कला का संगम

  • एक रंग की वेशभूषा: रोहिड़ा नगर के श्रद्धालु एक ही रंग के परिधानों में ‘चौंसठ इंद्र’ के रूप में नजर आए, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय आभा से सराबोर हो गया।
  • रत्न-कला ग्रुप: महाराष्ट्र से विशेष रूप से आए इस ग्रुप ने अपनी नृत्य प्रस्तुति से समां बांध दिया।
  • तकनीक का प्रयोग: सूरत के जसनाथ स्टूडियो ने आधुनिक एआई (AI) तकनीक के माध्यम से दिक् कुमारिकाओं के दृश्यों को स्क्रीन पर जीवंत रूप में प्रदर्शित किया, जिसे देख उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध रह गया।

आगामी कार्यक्रम: प्रतिष्ठा महोत्सव की कड़ी में कल दोपहर सिद्धार्थ राजा के राजमहल में प्रभु महावीर का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा।

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