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परशुराम महोत्सव: सांस्कृतिक संध्या में उमड़ा विप्र समाज का सैलाब, भक्ति और उत्साह का संगम

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

आबूरोड | ब्राह्मण समाज आबूरोड द्वारा आयोजित सात दिवसीय परशुराम जयंती महोत्सव के छठे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। शहर के विप्र बंधुओं का भारी हुजूम उमड़ा, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं, सुबह के सत्र में विधि-विधान से हवन महायज्ञ संपन्न हुआ और अभिजीत मुहूर्त में मंदिर पर ध्वजा रोहण किया गया।

सांस्कृतिक संध्या: 350 से अधिक प्रतियोगियों ने दिखाया दम

छठे दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ दिलीप शर्मा, कमल मिश्रा, सुमित जोशी और प्रवक्ता गोपाल शर्मा ने भगवान परशुराम की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के लिए फैशन शो, गायन प्रतियोगिता, क्यूज और हाऊजी का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता प्रभारी कल्पना छगाणी, शकुंतला वाजपेयी और अलका शर्मा ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान ‘सलाद सजाओ’ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। विजेताओं को पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय राधेश्याम जोशी के परिवार की ओर से स्मृति चिह्न और पार्षद सुमित जोशी की ओर से नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

धार्मिक अनुष्ठान: आहुतियों से महका वातावरण

इससे पूर्व सुबह ब्रह्म मुहूर्त में पंडित रवि शर्मा, मोहित मिश्रा और देवराज रामवतार शर्मा के सानिध्य में हवन महायज्ञ शुरू हुआ। विप्र जोड़ों ने आहुतियां देकर समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में जयघोष के बीच मंदिर के शिखर पर नवीन ध्वजा चढ़ाई गई। इस दौरान भारी संख्या में मातृशक्ति और वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

आयोजन में मधु पाण्डे, के.के. मिश्रा, आलोक गौड़, नवल शर्मा, हरीश शर्मा ने पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ रामबाबू शर्मा, रावल समाज अध्यक्ष बाबूभाई रावल, उमेश छंगाणी, हरिओम शर्मा, पुनील छंगाणी, नीलम जोशी, प्रीति वाजपेयी, चित्रलेखा शर्मा, रमेश वैष्णव, सुनील खोत, गणेश आचार्य, विक्रम मिश्र, मुकेश मिश्रा, निखिल जोशी सहित सैकड़ों समाज बंधु उपस्थित थे।

“समाज की एकजुटता और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का यह प्रयास सराहनीय है। सात दिवसीय इस महोत्सव का समापन भव्य रूप में होगा।”आयोजन समिति, आबूरोड

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