ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी
मण्डरायल/सवाई माधोपुर | भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र की पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। रविवार को जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल स्थित चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना का सघन निरीक्षण किया। कलक्टर ने निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
1426 गांवों और 8 शहरों को मिलेगा ‘जीवन’ परियोजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि लगभग 4060 करोड़ रुपये की इस लागत वाली योजना से सवाई माधोपुर और करौली जिले का कायाकल्प होगा।
- कुल लाभान्वित: 1426 गांव एवं 8 शहर।
- सवाई माधोपुर का हिस्सा: जिले के 579 गांव एवं 4 प्रमुख शहर (सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां) लाभान्वित होंगे।
तहसीलवार लाभ की स्थिति परियोजना के तहत सवाई माधोपुर की विभिन्न तहसीलों को कवर किया गया है:
- वजीरपुर: 40 गांव
- गंगापुर सिटी: 78 गांव
- बामनवास: 139 गांव
- खण्डार: 126 गांव
- सवाई माधोपुर: 147 गांव
- चौथ का बरवाड़ा: 49 गांव
भविष्य की जरूरतों पर फोकस (लक्ष्य 2054) अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने कलक्टर को अवगत कराया कि यह योजना केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। वर्ष 2054 तक सवाई माधोपुर की अनुमानित जनसंख्या 19.5 लाख हो जाएगी, जिसके अनुरूप जल आपूर्ति का प्रावधान अभी से सुनिश्चित किया जा रहा है।
ग्राउंड जीरो पर कलक्टर ने जांची व्यवस्थाएं निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट और राजघाट इनटेक वेल का अवलोकन किया। उन्होंने जल की उपलब्धता और प्लांट की क्षमता का आकलन करते हुए कहा कि कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कलक्टर ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी के मद्देनजर वर्तमान जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखें और परियोजना के शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण करें।
“यह योजना क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होगी। हमारा लक्ष्य है कि समय सीमा के भीतर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचे।” > — काना राम, जिला कलक्टर, सवाई माधोपुर
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता के.एम. शर्मा सहित जलदाय विभाग और निर्माण एजेंसी के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
