ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी
झुंझुनूं | 8 अप्रैल, 2026 जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (IPS) ने गुरुवार को जिले की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और लंबित प्रकरणों के निस्तारण हेतु रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में जिला स्तरीय ‘अपराध गोष्ठी’ (Crime Meeting) का आयोजन किया। बैठक में जिले के सभी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वृताधिकारी (CO) और थानाधिकारी मौजूद रहे। एसपी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण में ढिलाई किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।
पेंडेंसी खत्म करने और त्वरित कार्रवाई पर जोर
एसपी सागर ने थानेवार लंबित मामलों (Pendeny) की समीक्षा की। उन्होंने सभी थानाधिकारियों को निर्देशित किया कि पुराने मामलों की जांच में तेजी लाएं और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है, इसलिए पेंडेंसी को मिशन मोड में कम किया जाए।
महिला एवं बाल अपराध: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
बैठक के दौरान महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर गंभीर चर्चा हुई। एसपी ने निर्देश दिए कि:
- ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर एफआईआर दर्ज हो।
- पीड़ितों को तत्काल सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाए।
- संवेदनशील मामलों की मॉनिटरिंग स्वयं वृताधिकारी स्तर पर की जाए।
अवैध कारोबार और वांछित अपराधियों पर वार
जिले में नशाखोरी, जुआ, सट्टा, अवैध आबकारी और आर्म्स एक्ट के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि क्षेत्र के सक्रिय अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियानों में अधिक से अधिक सफलता सुनिश्चित की जाए।
पुलिस की उपस्थिति और व्यवहार में सुधार
आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय पैदा करने के लिए एसपी ने नई गाइडलाइंस जारी कीं:
- सांयकालीन और रात्रि गश्त: हर थाने को प्रतिदिन शाम को पैदल गश्त करने और रात में अतिरिक्त पिकेट लगाकर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने को कहा गया।
- वाहनों की जांच: बिना नंबर वाले और संदिग्ध वाहनों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
- संवेदनशील व्यवहार: थाने आने वाले हर परिवादी के साथ पुलिस का व्यवहार मानवीय और संवेदनशील होना चाहिए ताकि जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़े।
“अपराध मुक्त झुंझुनूं हमारी प्राथमिकता है। अवैध धंधों में लिप्त बदमाशों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पुलिस की कार्यप्रणाली ऐसी हो कि पीड़ित खुद को सुरक्षित महसूस करे।” — कावेन्द्र सिंह सागर, एसपी झुंझुनूं
