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कलेक्टर के कड़े तेवर: “जनसमस्याओं के निस्तारण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान को दें गति”

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं | 8 अप्रैल कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने प्रशासनिक मशीनरी को जनहित के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान’ और गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

अभियान की तैयारियों पर जोर

जिला कलेक्टर ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान’ राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के ढांचागत विकास के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट कर प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।

गर्मी में पानी की किल्लत पर सख्त हिदायत

बढ़ते तापमान और आगामी गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति बैठक का मुख्य एजेंडा रही। कलेक्टर ने पीएचईडी विभाग को निर्देशित किया कि:

  • जिले के किसी भी क्षेत्र में पानी की निर्बाध आपूर्ति बाधित न हो।
  • टैंकर आपूर्ति और पाइपलाइन मरम्मत के कार्य तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किए जाएं।
  • पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई होगी।

संपर्क पोर्टल: फाइलों में न दबे आमजन की फरियाद

संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डॉ. गर्ग ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे पोर्टल पर लंबित पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण करें।


“आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति और एलपीजी गैस की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर कमी नहीं आनी चाहिए।”डॉ. अरुण गर्ग, जिला कलेक्टर

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