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बिरमी रात्रि चौपाल में हुआ वर्षों पुरानी समस्या का समाधान, 4 घुमंतू परिवारों को मिला जमीन का कब्जा

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं । राज्य सरकार की ‘जनसुनवाई और त्वरित समाधान’ की नीति बिरमी ग्राम पंचायत में उस समय चरितार्थ हुई, जब जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल के बाद वर्षों से लंबित एक समस्या का समाधान मात्र कुछ घंटों में कर दिया गया। पट्टे होने के बावजूद अपनी जमीन के लिए तरस रहे चार घुमंतु सांसी परिवारों को प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर भूमि का भौतिक कब्जा सुपुर्द किया।

क्या था मामला?

गुरुवार को आयोजित रात्रि चौपाल में शांति देवी, विजय सिंह, प्रभुदयाल एवं मोहर सिंह ने जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी व्यथा रखी। उन्होंने बताया कि उन्हें पूर्व में आवासीय पट्टे तो आवंटित कर दिए गए थे, लेकिन भूमि का वास्तविक कब्जा (भौतिक सुपुर्दगी) नहीं मिलने के कारण वे अपने आशियाने से वंचित थे।

कलेक्टर के सख्त तेवर और त्वरित एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने मौके पर ही मौजूद विकास अधिकारी और तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि अगले ही दिन भूमि का सीमांकन कर कब्जा दिलाया जाए। कलेक्टर के निर्देशों का असर यह हुआ कि शुक्रवार सुबह ही उपखंड अधिकारी और खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में वीडीओ और पटवारी की टीम मौके पर पहुंची।

लाभार्थियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

प्रशासनिक टीम ने तत्परता से सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की और लाभार्थियों को उनके भूखंड सौंप दिए। वर्षों पुरानी समस्या हल होने पर लाभार्थियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें स्थायी आवास की उम्मीद जगी है।

अधिकारियों की मौजूदगी

इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चंद्र यादव, एसडीएम मुनेश कुमारी, बीडीओ अमित चौधरी और तहसीलदार शेर सिंह राठौड़ सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस संवेदनशीलता और गति ने यह साबित कर दिया कि रात्रि चौपाल जैसे मंच वंचित वर्गों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

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