ब्यूरो चीफ: इमरान खान
गौ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकली पदयात्रा पहुंची मानपुर; ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर में हुआ अभिनंदन
आबूरोड | 9 अप्रैल, 2026 जैसलमेर की धरा से शुरू हुई ‘ओरण बचाओ पदयात्रा’ का गुरुवार को आबूरोड पहुंचने पर राजपूत समाज द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। गाय और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही यह पदयात्रा मानपुर स्थित ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं ने पुष्प वर्षा कर पदयात्रियों का अभिनंदन किया।
पर्यावरण और गौ-वंश को बचाने का महा-अभियान
यात्रा के स्वागत कार्यक्रम के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने ‘ओरण’ (पवित्र उपवन) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओरण केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, जैव विविधता और गौ-वंश के अस्तित्व का आधार है। टीम ओरण के सदस्यों ने बताया कि जैसलमेर से शुरू हुई यह यात्रा पूरे प्रदेश में पर्यावरण चेतना की नई अलख जगा रही है।
राजपूत समाज ने लिया संरक्षण का संकल्प
आबूरोड राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने यात्रा के उद्देश्यों की सराहना करते हुए कहा कि गौ-माता और प्रकृति की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित रहे, जिन्होंने यात्रा के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने और पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
अगले पड़ाव की ओर प्रस्थान
ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर में अल्प विश्राम और समाज के साथ संवाद के पश्चात, ‘ओरण बचाओ पदयात्रा’ आबूरोड से अपने अगले पड़ाव रेवदर की ओर रवाना हुई। रास्ते भर ग्रामीणों द्वारा यात्रा का उत्साहवर्धन किया जा रहा है।
“ओरण और गौ-चर भूमि का संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह यात्रा भावी पीढ़ी को एक सुरक्षित और हरा-भरा भविष्य देने का माध्यम बनेगी।” — समाज के वक्ता
